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vishnu 2.1.15-17: हे मुनिसतम! उनमें से जम्बूद्वीप के अधिपति राजा आग्नीघ्र के प्रजापति आदि नौ पुत्र थे। वे थे नाभि, किंपुरुष, हरिवर्ष, इलावृत, रम्य, हिरण्वन, कुरु, भद्राश्व और पुण्यात्मा राजा केतुमाल। 15-17   |   vishnu अध्याय 2.1: प्रियव्रतके वंशका वर्णन   ।   vishnu अंश 2: द्वितीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 1: प्रियव्रतके वंशका वर्णन  »  श्लोक 15-17
 
 
श्लोक  2.1.15-17 
जम्बूद्वीपेश्वरो यस्तु आग्नीध्रो मुनिसत्तम॥ १५॥
तस्य पुत्रा बभूवुस्ते प्रजापतिसमा नव।
नाभि: किम्पुरुषश्चैव हरिवर्ष इलावृत:॥ १६॥
रम्यो हिरण्वान‍्षष्ठश्च कुरुर्भद्राश्व एव च।
केतुमालस्तथैवान‍्य: साधुचेष्टोऽभवन्नृप:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
हे मुनिसतम! उनमें से जम्बूद्वीप के अधिपति राजा आग्नीघ्र के प्रजापति आदि नौ पुत्र थे। वे थे नाभि, किंपुरुष, हरिवर्ष, इलावृत, रम्य, हिरण्वन, कुरु, भद्राश्व और पुण्यात्मा राजा केतुमाल। 15-17
 
Hey Munisatam! Among them, King Agnidhra, the presiding deity of Jambudweep, had nine sons like Prajapati. They were Nabhi, Kimpurush, Harivarsha, Ilavrit, Ramya, Hiranvan, Kuru, Bhadrashva and the good-doing king Ketumal. 15-17
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)