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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 9: दुर्वासाजीके शापसे इन्द्रका पराजय, ब्रह्माजीकी स्तुतिसे प्रसन्न हुए भगवान्का प्रकट होकर देवताओंको समुद्र-मन्थनका उपदेश करना तथा देवता और दैत्योंका समुद्र-मन्थन
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श्लोक 98
श्लोक
1.9.98
ततो धन्वन्तरिर्देव: श्वेताम्बरधरस्स्वयम्।
बिभ्रत्कमण्डलुं पूर्णममृतस्य समुत्थित:॥ ९८॥
अनुवाद
तब भगवान धन्वन्तरिजी अमृत से भरा हुआ कमण्डलु लेकर श्वेत वस्त्र धारण किए हुए प्रकट हुए ॥98॥
Then Lord Dhanvantriji appeared in white clothes carrying a kamandalu filled with nectar. 98॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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