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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 9: दुर्वासाजीके शापसे इन्द्रका पराजय, ब्रह्माजीकी स्तुतिसे प्रसन्न हुए भगवान्का प्रकट होकर देवताओंको समुद्र-मन्थनका उपदेश करना तथा देवता और दैत्योंका समुद्र-मन्थन
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श्लोक 85
श्लोक
1.9.85
विबुधा: सहिता: सर्वे यत: पुच्छं तत: कृता:।
कृष्णेन वासुकेर्दैत्या: पूर्वकाये निवेशिता:॥ ८५॥
अनुवाद
भगवान ने देवताओं को वासुकि की पूंछ वाली ओर तथा दैत्यों को वासुकि के मुख वाली ओर रखा। 85.
The Lord placed the gods on the side where Vasuki's tail was and the demons on the side where his face was. 85.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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