श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 9: दुर्वासाजीके शापसे इन्द्रका पराजय, ब्रह्माजीकी स्तुतिसे प्रसन्न हुए भगवान‍्का प्रकट होकर देवताओंको समुद्र-मन्थनका उपदेश करना तथा देवता और दैत्योंका समुद्र-मन्थन  »  श्लोक 76
 
 
श्लोक  1.9.76 
तेजसो भवतां देवा: करिष्याम्युपबृंहणम्।
वदाम्यहं यत्क्रियतां भवद्भिस्तदिदं सुरा:॥ ७६॥
 
 
अनुवाद
हे देवताओं! मैं तुम्हारी महिमा पुनः बढ़ाऊँगा; अब जो कुछ मैं कहूँ, वह तुम्हें करना होगा।
 
O gods! I will increase your glory once again; you must do whatever I say now.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)