श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 9: दुर्वासाजीके शापसे इन्द्रका पराजय, ब्रह्माजीकी स्तुतिसे प्रसन्न हुए भगवान‍्का प्रकट होकर देवताओंको समुद्र-मन्थनका उपदेश करना तथा देवता और दैत्योंका समुद्र-मन्थन  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  1.9.60 
इत्यन्ते वचसस्तेषां देवानां ब्रह्मणस्तथा।
ऊचुर्देवर्षयस्सर्वे बृहस्पतिपुरोगमा:॥ ६० ॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर ब्रह्मा आदि देवताओं के कहने पर बृहस्पति आदि सब देवता कहने लगे- ॥60॥
 
Thereafter, after Brahma and the gods finished speaking, all the gods like Jupiter etc. started saying – ॥ 60॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)