श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 9: दुर्वासाजीके शापसे इन्द्रका पराजय, ब्रह्माजीकी स्तुतिसे प्रसन्न हुए भगवान‍्का प्रकट होकर देवताओंको समुद्र-मन्थनका उपदेश करना तथा देवता और दैत्योंका समुद्र-मन्थन  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  1.9.38 
श्रीपराशर उवाच
एवमुक्त्वा सुरान‍्सर्वान‍् ब्रह्मा लोकपितामह:।
क्षीरोदस्योत्तरं तीरं तैरेव सहितो ययौ॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशरजी बोले - हे मैत्रेय! समस्त देवताओं से ऐसा कहकर लोकपितामह श्री ब्रह्माजी भी उनके साथ क्षीरसागर के उत्तर तट पर चले गए॥38॥
 
Shri Parasharji said – O Maitreya! Saying this to all the gods, Lokpitamah Shri Brahmaji also went with them to the northern bank of Kshirsagar. 38॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)