श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 9: दुर्वासाजीके शापसे इन्द्रका पराजय, ब्रह्माजीकी स्तुतिसे प्रसन्न हुए भगवान‍्का प्रकट होकर देवताओंको समुद्र-मन्थनका उपदेश करना तथा देवता और दैत्योंका समुद्र-मन्थन  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  1.9.25 
श्रीपराशर उवाच
इत्युक्त्वा प्रययौ विप्रो देवराजोऽपि तं पुन:।
आरुह्यैरावतं ब्रह्मन् प्रययावमरावतीम्॥ २५ ॥
 
 
अनुवाद
श्री पाराशरजी बोले- हे ब्राह्मण! इतना कहकर विप्रवर वहां से चले गये और इन्द्र भी ऐरावत पर चढ़कर अमरावती चले गये। 25॥
 
Shri Parasharji said – O Brahmin! Saying this, Vipravar left from there and Indra also climbed Airavat and went to Amravati. 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)