श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 9: दुर्वासाजीके शापसे इन्द्रका पराजय, ब्रह्माजीकी स्तुतिसे प्रसन्न हुए भगवान‍्का प्रकट होकर देवताओंको समुद्र-मन्थनका उपदेश करना तथा देवता और दैत्योंका समुद्र-मन्थन  »  श्लोक 148
 
 
श्लोक  1.9.148 
एतत्ते कथितं ब्रह्मन्यन्मां त्वं परिपृच्छसि।
क्षीराब्धौ श्रीर्यथा जाता पूर्वं भृगुसुता सती॥ १४८॥
 
 
अनुवाद
हे ब्रह्मन्! तुमने मुझसे पूछा था कि भृगु की पुत्री होकर देवी लक्ष्मी क्षीरसमुद्र से किस प्रकार उत्पन्न हुईं। मैंने तुम्हें वह सम्पूर्ण कथा कह सुनाई है॥148॥
 
O Brahman! You had asked me how Goddess Lakshmi was first born from the Ksheer-Samudra after being the daughter of Bhrigu. I have told you the whole story.॥ 148॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)