श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 9: दुर्वासाजीके शापसे इन्द्रका पराजय, ब्रह्माजीकी स्तुतिसे प्रसन्न हुए भगवान‍्का प्रकट होकर देवताओंको समुद्र-मन्थनका उपदेश करना तथा देवता और दैत्योंका समुद्र-मन्थन  »  श्लोक 141
 
 
श्लोक  1.9.141 
भृगो: ख्यात्यां समुत्पन्ना श्री: पूर्वमुदधे: पुन:।
देवदानवयत्नेन प्रसूताऽमृतमन्थने॥ १४१॥
 
 
अनुवाद
देवी लक्ष्मी को सर्वप्रथम भृगु ने ख्याति नामक स्त्री से उत्पन्न किया था और फिर अमृत मंथन के समय देवताओं और दानवों के प्रयास से वे समुद्र से प्रकट हुईं ॥141॥
 
Goddess Lakshmi was first created by Bhrigu from a woman named Khyati and then at the time of churning of nectar, she emerged from the ocean with the efforts of the gods and demons. ॥141॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)