श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 9: दुर्वासाजीके शापसे इन्द्रका पराजय, ब्रह्माजीकी स्तुतिसे प्रसन्न हुए भगवान‍्का प्रकट होकर देवताओंको समुद्र-मन्थनका उपदेश करना तथा देवता और दैत्योंका समुद्र-मन्थन  »  श्लोक 119
 
 
श्लोक  1.9.119 
त्वं सिद्धिस्त्वं स्वधा स्वाहा सुधा त्वं लोकपावनी।
सन्ध्या रात्रि: प्रभा भूतिर्मेधा श्रद्धा सरस्वती॥ ११९॥
 
 
अनुवाद
हे देवी! आप सिद्धि, स्वधा, स्वाहा, सुधा और तीनों लोकों को पवित्र करने वाली हैं तथा संध्या, रात्रि, प्रभा, विभूति, मेधा, श्रद्धा और सरस्वती हैं। 119॥
 
O Goddess! You are Siddhi, Swadha, Swaha, Sudha and the one who purifies the three worlds and you are Sandhya, Ratri, Prabha, Vibhuti, Medha, Shraddha and Saraswati. 119॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)