श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 9: दुर्वासाजीके शापसे इन्द्रका पराजय, ब्रह्माजीकी स्तुतिसे प्रसन्न हुए भगवान‍्का प्रकट होकर देवताओंको समुद्र-मन्थनका उपदेश करना तथा देवता और दैत्योंका समुद्र-मन्थन  »  श्लोक 109
 
 
श्लोक  1.9.109 
मायया मोहयित्वा ता न‍‍्वि ष्णु: स्त्रीरूपसंस्थित:।
दानवेभ्यस्तदादाय देवेभ्य: प्रददौ प्रभु:॥ १०९ ॥
 
 
अनुवाद
अतः भगवान विष्णु ने स्त्रीरूपी (मोहिनी) दैत्यों को अपनी माया से मोहित करके उनसे कमण्डलु लेकर देवताओं को दे दिया॥109॥
 
Therefore, Lord Vishnu in the form of a woman (Mohini) charmed the demons with his illusion and took the kamandalu from them and gave it to the gods. 109॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)