श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 8: रौद्र-सृष्टि और भगवान‍् तथा लक्ष्मीजीकी सर्वव्यापकताका वर्णन  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  1.8.6 
भवं शर्वमथेशानं तथा पशुपतिं द्विज।
भीममुग्रं महादेवमुवाच स पितामह:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
हे द्विज! प्रजापति ने उन्हें भव, शर्व, ईशान, पशुपति, भीम, उग्र और महादेव कहकर संबोधित किया। 6॥
 
Hey Dwija! Prajapati addressed him as Bhava, Sharva, Ishaan, Pashupati, Bhima, Ugra and Mahadev. 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)