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vishnu 1.8.3: हे द्विजश्रेष्ठ! जन्म लेते ही वह जोर-जोर से रोने लगा और इधर-उधर दौड़ने लगा। उसे रोता देखकर ब्रह्माजी ने उससे पूछा - "तुम क्यों रो रहे हो?"॥3॥   |   vishnu अध्याय 1.8: रौद्र-सृष्टि और भगवान‍् तथा लक्ष्मीजीकी सर्वव्यापकताका वर्णन   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 8: रौद्र-सृष्टि और भगवान‍् तथा लक्ष्मीजीकी सर्वव्यापकताका वर्णन  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  1.8.3 
रुरोद सुस्वरं सोऽथ प्राद्रवद‍‍्द्विजसत्तम।
किं त्वं रोदिषि तं ब्रह्मा रुदन्तं प्रत्युवाच ह॥ ३॥
 
 
अनुवाद
हे द्विजश्रेष्ठ! जन्म लेते ही वह जोर-जोर से रोने लगा और इधर-उधर दौड़ने लगा। उसे रोता देखकर ब्रह्माजी ने उससे पूछा - "तुम क्यों रो रहे हो?"॥3॥
 
O best of the two! Immediately after his birth, he started crying loudly and running here and there. Seeing him crying, Brahmaji asked him - "Why are you crying?"॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)