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vishnu 1.8.29: हे द्विजश्रेष्ठ! भगवान गदाधर आधार हैं और देवी लक्ष्मी शक्ति हैं। भगवान पलक हैं और देवी लक्ष्मी लकड़ी हैं। वे शुभ घड़ी हैं और यही चरण है।   |   vishnu अध्याय 1.8: रौद्र-सृष्टि और भगवान‍् तथा लक्ष्मीजीकी सर्वव्यापकताका वर्णन   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 8: रौद्र-सृष्टि और भगवान‍् तथा लक्ष्मीजीकी सर्वव्यापकताका वर्णन  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  1.8.29 
अवष्टम्भो गदापाणि: शक्तिर्लक्ष्मीर्द्विजोत्तम।
काष्ठा लक्ष्मीर्निमेषोऽसौ मुहूर्त्तोऽसौ कला त्वियम्॥ २९ ॥
 
 
अनुवाद
हे द्विजश्रेष्ठ! भगवान गदाधर आधार हैं और देवी लक्ष्मी शक्ति हैं। भगवान पलक हैं और देवी लक्ष्मी लकड़ी हैं। वे शुभ घड़ी हैं और यही चरण है।
 
O best of the two! Lord Gadadhara is the support and Goddess Lakshmi is the power. The Lord is the blink of an eye and Goddess Lakshmi is the wood. He is the auspicious moment and this is the phase.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)