Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 1.8.26: हे मुनिश्रेष्ठ! भगवान गोविन्द समुद्र हैं और हे द्विज! देवी लक्ष्मी उनकी तरंग हैं। भगवान मधुसूदन देवताओं के राजा इन्द्र हैं और देवी लक्ष्मी इन्द्राणी हैं॥ 26॥ | vishnu अध्याय 1.8: रौद्र-सृष्टि और भगवान् तथा लक्ष्मीजीकी सर्वव्यापकताका वर्णन । vishnu अंश 1: प्रथम अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जलधिर्द्विज गोविन्दस्तद्वेला श्रीर्महामुने।
लक्ष्मीस्वरूपमिन्द्राणी देवेन्द्रो मधुसूदन:॥ २६ ॥
अनुवाद
हे मुनिश्रेष्ठ! भगवान गोविन्द समुद्र हैं और हे द्विज! देवी लक्ष्मी उनकी तरंग हैं। भगवान मधुसूदन देवताओं के राजा इन्द्र हैं और देवी लक्ष्मी इन्द्राणी हैं॥ 26॥
O great sage! Lord Govind is the ocean and O twice born! Goddess Lakshmi is its wave. Lord Madhusudan is the king of gods Indra and Goddess Lakshmi is Indrani.॥ 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥