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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 8: रौद्र-सृष्टि और भगवान् तथा लक्ष्मीजीकी सर्वव्यापकताका वर्णन
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श्लोक 22
श्लोक
1.8.22
सामस्वरूपी भगवानुद्गीति: कमलालया।
स्वाहा लक्ष्मीर्जगन्नाथो वासुदेवो हुताशन:॥ २२ ॥
अनुवाद
भगवान समस्वरूप हैं और श्री कमलादेवी उद्गीति हैं, विश्व के स्वामी वासुदेव हुताशन हैं और लक्ष्मीजी स्वाहा हैं। 22॥
God is Samaswarup and Shri Kamaladevi is Udgiti, Lord of the Universe is Vasudev Hutashan and Lakshmiji is Swaha. 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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