Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 1.8.17: श्री पराशरजी बोले - हे द्विजोत्तम! भगवान का साथ कभी न छोड़ने वाली जगज्जननी लक्ष्मीजी सनातन हैं और जैसे भगवान विष्णु सर्वव्यापी हैं, वैसे ही वे भी सर्वव्यापी हैं॥17॥ | vishnu अध्याय 1.8: रौद्र-सृष्टि और भगवान् तथा लक्ष्मीजीकी सर्वव्यापकताका वर्णन । vishnu अंश 1: प्रथम अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्री पराशरजी बोले - हे द्विजोत्तम! भगवान का साथ कभी न छोड़ने वाली जगज्जननी लक्ष्मीजी सनातन हैं और जैसे भगवान विष्णु सर्वव्यापी हैं, वैसे ही वे भी सर्वव्यापी हैं॥17॥
Shri Parasharji said – O Dwijottam! Jagajjanani Lakshmiji, who never leaves the company of God, is eternal and just as Lord Vishnu is omnipresent, so too is she. 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥