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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 8: रौद्र-सृष्टि और भगवान् तथा लक्ष्मीजीकी सर्वव्यापकताका वर्णन
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श्लोक 12
श्लोक
1.8.12
एवंप्रकारो रुद्रोऽसौ सतीं भार्यामनिन्दिताम्।
उपयेमे दुहितरं दक्षस्यैव प्रजापते:॥ १२॥
अनुवाद
इस प्रकार भगवान रुद्र ने प्रजापति दक्ष की विरक्त पुत्री सती को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया ॥12॥
Thus Lord Rudra accepted Sati, the unloving daughter of Prajapati Daksha, as His wife. ॥12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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