श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 6: चातुर्वर्ण्य-व्यवस्था, पृथिवी-विभाग और अन्नादिकी उत्पत्तिका वर्णन  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.6.7 
यज्ञनिष्पत्तये सर्वमेतद् ब्रह्मा चकार वै।
चातुर्वर्ण्यं महाभाग यज्ञसाधनमुत्तमम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
हे महाभाग! ब्रह्माजी ने यज्ञ के उत्तम साधन के रूप में इस सम्पूर्ण चातुर्वर्ण्य की रचना की थी ॥7॥
 
O Mahabhaga! Lord Brahma had composed this entire Chaturvarnya as the best means of Yagya for the performance of Yagya. 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)