vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 1: प्रथम अंश
»
अध्याय 6: चातुर्वर्ण्य-व्यवस्था, पृथिवी-विभाग और अन्नादिकी उत्पत्तिका वर्णन
»
श्लोक 19
श्लोक
1.6.19
गृहाणि च यथान्यायं तेषु चक्रु: पुरादिषु।
शीतातपादिबाधानां प्रशमाय महामते॥ १९॥
अनुवाद
हे महामते! उन नगरों में उन्होंने शीत और ताप आदि विघ्नों से रक्षा करने के लिए उपयुक्त भवन बनवाये थे ॥19॥
O Mahamate! In those cities, he built suitable houses to protect them from the obstacles like cold and heat etc. 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×