| श्री विष्णु पुराण » अंश 1: प्रथम अंश » अध्याय 5: अविद्यादि विविध सर्गोंका वर्णन » श्लोक 63 |
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| | | | श्लोक 1.5.63  | नाम रूपं च भूतानां कृत्यानां च प्रपञ्चनम्।
वेदशब्देभ्य एवादौ देवादीनां चकार स:॥ ६३ ॥ | | | | | | अनुवाद | | कल्प के प्रारम्भ में उन्होंने वेदों के अनुसार देवताओं तथा अन्य प्राणियों के नाम, रूप और कार्य निश्चित किये हैं ॥63॥ | | | | At the beginning of the Kalpa, he has decided the names, forms and functions of the gods and other living beings as per the Vedas. 63॥ | | ✨ ai-generated | | |
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