| श्री विष्णु पुराण » अंश 1: प्रथम अंश » अध्याय 22: विष्णु भगवान्की विभूति और जगत्की व्यवस्थाका वर्णन » श्लोक 90 |
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| | | | श्लोक 1.22.90  | देवर्षिपितृगन्धर्वयक्षादीनां च सम्भवम्।
भवन्ति शृण्वत: पुंसो देवाद्या वरदा मुने॥ ९०॥ | | | | | | अनुवाद | | हेमुने! जो मनुष्य देवता, ऋषि, गन्धर्व, पितर और यक्ष आदि की उत्पत्ति का श्रवण करता है, वह दिव्य कृपा से धन्य हो जाता है ॥90॥ | | | | Hemune! The man who listens to the origin of gods, sages, Gandharvas, ancestors and Yakshas etc. becomes blessed with divine blessings. 90॥ | | | इति श्रीविष्णुपुराणे प्रथमेंऽशे द्वाविंशोऽध्याय:॥ २२॥
इति श्रीपराशरमुनिविरचिते श्रीविष्णुपरत्वनिर्णायके श्रीमति विष्णुमहापुराणे प्रथमोंऽश: समाप्त:॥ | | | | ✨ ai-generated | | |
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