श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 22: विष्णु भगवान‍्की विभूति और जगत‍्की व्यवस्थाका वर्णन  »  श्लोक 89
 
 
श्लोक  1.22.89 
कार्त्तिक्यां पुष्करस्नाने द्वादशाब्देन यत्फलम्।
तदस्य श्रवणात्सर्वं मैत्रेयाप्नोति मानव:॥ ८९॥
 
 
अनुवाद
हे मैत्रेय! पुष्कर क्षेत्र में कार्तिक मास में बारह वर्षों तक स्नान करने का जो फल मिलता है, वह इस व्रत के श्रवण मात्र से मनुष्य को प्राप्त हो जाता है।
 
O Maitreya! The benefits of bathing in the Pushkar Kshetra during the month of Kartik for twelve years can be obtained by a person merely hearing about this. 89
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)