vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 1: प्रथम अंश
»
अध्याय 22: विष्णु भगवान्की विभूति और जगत्की व्यवस्थाका वर्णन
»
श्लोक 80
श्लोक
1.22.80
भूर्लोकोऽथ भुवर्लोक: स्वर्लोको मुनिसत्तम।
महर्जनस्तप: सत्यं सप्त लोका इमे विभु:॥ ८०॥
अनुवाद
हे महामुनि! भूर्लोक, भुवर्लोक, स्वर्लोक तथा महा, जन, तप और सत्य आदि सात लोक भी सर्वव्यापी परमेश्वर ही हैं ॥80॥
Oh great sage! Bhurlok, Bhuvarlok and Swarlok and the seven worlds like Maha, Jana, Tapa and Satya etc. are also the omnipresent God. 80॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas