श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 22: विष्णु भगवान‍्की विभूति और जगत‍्की व्यवस्थाका वर्णन  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  1.22.6 
पतत्त्रिणां तु गरुडं देवानामपि वासवम्।
उच्चै:श्रवसमश्वानां वृषभं तु गवामपि॥ ६॥
 
 
अनुवाद
गरुड़ को पक्षियों का, इन्द्र को देवताओं का, उच्चै:श्रवा को घोड़ों का और वृषभ को गौओं का स्वामी बनाया गया ॥6॥
 
Garuda was made the master of birds, Indra was made the master of gods, Ucchai Shrava was made the master of horses and Vrishabha was made the master of cows. 6॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas