| श्री विष्णु पुराण » अंश 1: प्रथम अंश » अध्याय 22: विष्णु भगवान्की विभूति और जगत्की व्यवस्थाका वर्णन » श्लोक 59 |
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| | | | श्लोक 1.22.59  | ततो मनुष्या: पशवो मृगपक्षिसरीसृपा:।
न्यूनान्न्यूनतराश्चैव वृक्षगुल्मादयस्तथा॥ ५९॥ | | | | | | अनुवाद | | उनसे भी तुच्छ हैं मनुष्य, पशु, पक्षी, मृग और सरीसृप, तथा उनसे भी तुच्छ हैं वृक्ष, झाड़ी और लताएँ आदि ॥59॥ | | | | Even lesser than them are human beings, animals, birds, deer and reptiles, and even lesser than them are trees, bushes and creepers, etc. ॥59॥ | | ✨ ai-generated | | |
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