हे मैत्रेय! जिस प्रकार अग्नि का प्रकाश समीपता या दूरी के अनुसार परिमाण और मात्रा में बदलता रहता है, उसी प्रकार ब्रह्म की शक्ति में भी भिन्नता होती है ॥57॥
O Maitreya! Just as the light of a fire varies in quantity and quantity depending on its proximity or distance, similarly, there is a variation in the energy of Brahman. ॥ 57॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥