विष्णुर्मन्वादय: काल: सर्वभूतानि च द्विज।
स्थितेर्निमित्तभूतस्य विष्णोरेता विभूतय:॥ ३२॥
अनुवाद
हे द्विज! विष्णु, मनु आदि, काल तथा सम्पूर्ण भूत- ये जगत् की स्थिति के कारण भगवान विष्णु के ही स्वरूप हैं॥32॥
Hey Dwija! Vishnu, Manu etc., Kaal and all the ghosts – these are the manifestations of Lord Vishnu who is the cause of the condition of the world. 32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥