श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 22: विष्णु भगवान‍्की विभूति और जगत‍्की व्यवस्थाका वर्णन  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  1.22.31 
ब्रह्मा दक्षादय: कालस्तथैवाखिलजन्तव:।
विभूतयो हरेरेता जगत: सृष्टिहेतव:॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
ब्रह्मा, दक्ष आदि प्रजापति, काल तथा सम्पूर्ण प्राणी - ये श्रीहरि विभूतियाँ ही जगत् की उत्पत्ति के कारण हैं ॥31॥
 
Brahma, Daksh etc. Prajapatis, Kaal and all the living beings – these Sri Hari personalities are the reason for the creation of the world. 31॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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