श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 22: विष्णु भगवान‍्की विभूति और जगत‍्की व्यवस्थाका वर्णन  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  1.22.2 
नक्षत्रग्रहविप्राणां वीरुधां चाप्यशेषत:।
सोमं राज्ये दधद‍्ब्राह्मा यज्ञानां तपसामपि॥ २॥
 
 
अनुवाद
ब्रह्माजी ने चंद्रमा को नक्षत्रों, ग्रहों, ब्राह्मणों, समस्त वनस्पतियों तथा यज्ञ और तप आदि के राज्य पर नियुक्त किया॥2॥
 
Brahmaji appointed the moon over the kingdom of constellations, planets, Brahmins, all vegetation and Yagya and penance etc. 2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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