श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 22: विष्णु भगवान‍्की विभूति और जगत‍्की व्यवस्थाका वर्णन  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.22.16 
एते सर्वे प्रवृत्तस्य स्थितौ विष्णोर्महात्मन:।
विभूतिभूता राजानो ये चान्ये मुनिसत्तम॥ १६॥
 
 
अनुवाद
हे मुनिसतम! ये तथा अन्य सम्पूर्ण राजा जगत् के पालन में तत्पर परमात्मा भगवान श्री विष्णु के ही स्वरूप हैं॥16॥
 
Hey Munisatam! All these and other complete kings are the manifestations of Lord Shri Vishnu, the Supreme Soul engaged in the maintenance of the world. 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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