श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 22: विष्णु भगवान‍्की विभूति और जगत‍्की व्यवस्थाका वर्णन  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  1.22.15 
तैरियं पृथिवी सर्वा सप्तद्वीपा सपत्तना।
यथाप्रदेशमद्यापि धर्मत: परिपाल्यते॥ १५॥
 
 
अनुवाद
आज तक वे सात द्वीपों और अनेक नगरों वाली सम्पूर्ण पृथ्वी का अपने-अपने विभागों के अनुसार धर्मपूर्वक पालन करते हैं ॥15॥
 
Till today they look after the whole earth which consists of seven islands and numerous cities in a righteous manner according to their respective departments. ॥ 15॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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