श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 22: विष्णु भगवान‍्की विभूति और जगत‍्की व्यवस्थाका वर्णन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  1.22.14 
तथा हिरण्यरोमाणं पर्जन्यस्य प्रजापते:।
उदीच्यां दिशि दुर्द्धर्षं राजानमभ्यषेचयत्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
और उन्होंने उत्तर दिशा में पर्जन्य प्रजापति के पुत्र अत्यन्त दुर्दांत राजा हिरण्यरोमा का अभिषेक किया ॥14॥
 
And he anointed the very unfortunate king Hiranyaroma, son of Parjanya Prajapati, in the north direction. 14॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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