श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 21: कश्यपजीकी अन्य स्त्रियोंके वंश एवं मरुद‍्गणकी उत्पत्तिका वर्णन  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  1.21.9 
ताभ्यां पुत्रसहस्राणि षष्टिर्दानवसत्तमा:।
पौलोमा: कालकेयाश्च मारीचतनया: स्मृता:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
उनके पुत्र साठ हजार महान राक्षस थे। मरीचिनंदन कश्यपजी के वे सभी पुत्र पौलोम और कालकेय कहलाए।
 
His sons were sixty thousand great demons. All those sons of Marichinandan Kashyapji were called Pauloma and Kalkakeya.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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