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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 21: कश्यपजीकी अन्य स्त्रियोंके वंश एवं मरुद्गणकी उत्पत्तिका वर्णन
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श्लोक 27
श्लोक
1.21.27
एष मन्वन्तरे सर्गो ब्रह्मन्स्वारोचिषे स्मृत:॥ २७॥
अनुवाद
हे ब्रह्मन्! यह स्वारोचिष-मन्वन्तर की सृष्टि का वर्णन कहा गया है ॥27॥
Hey Brahman! This is said to be the description of the creation of Swarochisha-Manvantar. 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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