vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 1: प्रथम अंश
»
अध्याय 21: कश्यपजीकी अन्य स्त्रियोंके वंश एवं मरुद्गणकी उत्पत्तिका वर्णन
»
श्लोक 27
श्लोक
1.21.27
एष मन्वन्तरे सर्गो ब्रह्मन्स्वारोचिषे स्मृत:॥ २७॥
अनुवाद
हे ब्रह्मन्! यह स्वारोचिष-मन्वन्तर की सृष्टि का वर्णन कहा गया है ॥27॥
Hey Brahman! This is said to be the description of the creation of Swarochisha-Manvantar. 27॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas