श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 21: कश्यपजीकी अन्य स्त्रियोंके वंश एवं मरुद‍्गणकी उत्पत्तिका वर्णन  »  श्लोक 11-12
 
 
श्लोक  1.21.11-12 
व्यंश: शल्यश्च बलवान‍् नभश्चैव महाबल:।
वातापी नमुचिश्चैव इल्वल: खसृमस्तथा॥ ११॥
अन्धको नरकश्चैव कालनाभस्तथैव च।
स्वर्भानुश्च महावीर्यो वक्त्रयोधी महासुर:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
वे थे व्यामशा, शल्य, बलशाली नभ, शक्तिशाली वातापी, नमुचि, इल्वल, खसरिम, अंधक, नरक, कालनाभ, महावीर, स्वर्भानु और महान योद्धा वक्त्र। 11-12॥
 
They were Vyamsha, Shalya, strong Nabha, mighty Vatapi, Namuchi, Ilval, Khasrim, Andhak, Narak, Kalnabha, Mahavir, Swarbhanu and the great warrior Vaktra. 11-12॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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