vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 1: प्रथम अंश
»
अध्याय 20: प्रह्लादकृत भगवत्-स्तुति और भगवान्का आविर्भाव
»
श्लोक 16
श्लोक
1.20.16
प्रह्लाद उवाच
देव प्रपन्नार्त्तिहर प्रसादं कुरु केशव।
अवलोकनदानेन भूयो मां पावयाच्युत॥ १६॥
अनुवाद
प्रह्लादजी बोले- हे शरणागत, हे दुःख हरने वाले भगवान केशवदेव! प्रसन्न होइए। हे अच्युत! अपनी पवित्र दृष्टि से मुझे पुनः पवित्र कर दीजिए॥16॥
Prahladji said- O surrendered one, Lord Keshavdev, the remover of suffering! Be pleased. O Achyuta! Purify me again with your holy sight.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×