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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 20: प्रह्लादकृत भगवत्-स्तुति और भगवान्का आविर्भाव
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श्लोक 14
श्लोक
1.20.14
श्रीपराशर उवाच
तस्य तच्चेतसो देव: स्तुतिमित्थं प्रकुर्वत:।
आविर्बभूव भगवान् पीताम्बरधरो हरि:॥ १४॥
अनुवाद
श्री पाराशरजी ने कहा- उनकी ऐसी भक्तिपूर्वक स्तुति करने पर पीताम्बरधारी देवाधिदेव भगवान वनहरि प्रकट हुए। 14॥
Shri Parasharji said – On his praise with such devotion, the Pitambardhari Devadhidev Lord Van Hari appeared. 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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