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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 19: प्रह्लादकृत भगवत्-गुण-वर्णन और प्रह्लादकी रक्षाके लिये भगवान्का सुदर्शनचक्रको भेजना
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श्लोक 72
श्लोक
1.19.72
मय्यन्यत्र तथान्येषु भूतेषु भुवनेषु च।
तवैव व्याप्तिरैश्वर्यगुणसंसूचिकी प्रभो॥ ७२॥
अनुवाद
हे प्रभु! आपके गुणों और यश के चिह्न मुझमें तथा अन्य समस्त प्राणियों और लोकों में व्याप्त हैं ॥ 72॥
O Lord! The signs of your virtues and glory are pervading me and in all other beings and worlds. ॥ 72॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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