प्रह्लाद ने कहा, "हे कमलनेत्र! मैं आपको नमस्कार करता हूँ। हे पुरुषोत्तम! मैं आपको नमस्कार करता हूँ। हे परमेष्ठ! मैं आपको नमस्कार करता हूँ। हे परमेष्ठ! मैं आपको नमस्कार करता हूँ। हे तीक्ष्ण चक्र धारण करने वाले प्रभु! मैं आपको बार-बार नमस्कार करता हूँ।"
Prahlada said, "O lotus-eyed one! I salute you. O Purushottama! I salute you. O the Supreme Being! I salute you. O the Supreme Being! I salute you. O Lord holding the sharp discus! I salute you again and again."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥