श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 19: प्रह्लादकृत भगवत्-गुण-वर्णन और प्रह्लादकी रक्षाके लिये भगवान‍्का सुदर्शनचक्रको भेजना  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  1.19.62 
ततो दैत्या दानवाश्च पर्वतैस्तं महोदधौ।
आक्रम्य चयनं चक्रुर्योजनानि सहस्रश:॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
तब दैत्यों और दानवों ने समुद्र को पर्वतों से ढक दिया और उसके ऊपर हजारों योजन मलबा जमा कर दिया ॥62॥
 
Then the demons and devils covered the ocean with mountains and piled thousands of yojanas of rubble on top of it. ॥ 62॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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