श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 19: प्रह्लादकृत भगवत्-गुण-वर्णन और प्रह्लादकी रक्षाके लिये भगवान‍्का सुदर्शनचक्रको भेजना  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  1.19.49 
एवं ज्ञाते स भगवाननादि: परमेश्वर:।
प्रसीदत्यच्युतस्तस्मिन्प्रसन्ने क्लेशसङ्क्षय:॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
ऐसा जानकर सनातन परमेश्वर अच्युत प्रसन्न होते हैं और उनके प्रसन्न होने पर समस्त दुःख नष्ट हो जाते हैं ॥ 49॥
 
On knowing this, the eternal Supreme Lord Achyuta becomes pleased and when He is pleased, all sufferings are diminished. ॥ 49॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)