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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 19: प्रह्लादकृत भगवत्-गुण-वर्णन और प्रह्लादकी रक्षाके लिये भगवान्का सुदर्शनचक्रको भेजना
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श्लोक 44
श्लोक
1.19.44
सर्व एव महाभाग महत्त्वं प्रति सोद्यमा:।
तथापि पुंसां भाग्यानि नोद्यमा भूतिहेतव:॥ ४४॥
अनुवाद
हे महाभाग! सभी लोग महत्ता प्राप्त करने का प्रयत्न करते हैं; तथापि महत्ता का कारण मनुष्य का भाग्य है, उसका उद्यम नहीं ॥44॥
O Mahabhaga! Everyone strives to achieve importance, however, the reason for glory is man's luck, not his enterprise. 44॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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