श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 19: प्रह्लादकृत भगवत्-गुण-वर्णन और प्रह्लादकी रक्षाके लिये भगवान‍्का सुदर्शनचक्रको भेजना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  1.19.26 
अहन्यहन्यथाचार्यो नीतिं राज्यफलप्रदाम्।
ग्राहयामास तं बालं राज्ञामुशनसा कृताम्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद गुरुजी ने उन्हें शुक्राचार्यजी द्वारा तैयार की गई राज्यफलप्रदायिनी राजनीतिका का प्रतिदिन अध्ययन कराना शुरू कर दिया। 26॥
 
Thereafter, Guruji started making him study Rajyaphalpradayini Rajitika prepared by Shukracharyaji on daily basis. 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)