श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 19: प्रह्लादकृत भगवत्-गुण-वर्णन और प्रह्लादकी रक्षाके लिये भगवान‍्का सुदर्शनचक्रको भेजना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.19.16 
शम्बर उवाच
सूदयाम्येव दैत्येन्द्र पश्य मायाबलं मम।
सहस्रमत्र मायानां पश्य कोटिशतं तथा॥ १६॥
 
 
अनुवाद
शम्बरासुर ने कहा- हे दैत्यराज! मैं अभी इस बालक को मार डालूँगा, तुम मेरी माया का बल देखो। देखो, मैं तुम्हें सैकड़ों, हजारों, करोड़ों मायाएँ दिखाऊँगा॥ 16॥
 
Shambarasur said- O demon king! I will kill this boy right now, you see the power of my illusion. Look, I will show you hundreds, thousands, crores of illusions.॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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