श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 18: प्रह्लादको मारनेके लिये विष, शस्त्र और अग्नि आदिका प्रयोग एवं प्रह्लादकृत भगवत्-स्तुति  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  1.18.46 
श्रीपराशर उवाच
इत्युक्त्वा तं ततो गत्वा यथावृत्तं पुरोहिता:।
दैत्यराजाय सकलमाचचख्युर्महामुने॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशर बोले - हे मुनि! ऐसा कहकर पुरोहितगण दैत्यराज हिरण्यकशिपु के पास गए और उन्हें सारा वृत्तांत शब्दशः सुनाया।
 
Shri Parashara said - O great sage! Having said this, the priests went to the demon king Hiranyakashipu and told him the entire story verbatim.
 
इति श्रीविष्णुपुराणे प्रथमेंऽशे अष्टादशोऽध्याय:॥ १८॥
 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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