श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 18: प्रह्लादको मारनेके लिये विष, शस्त्र और अग्नि आदिका प्रयोग एवं प्रह्लादकृत भगवत्-स्तुति  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  1.18.38 
कृत्यया दह्यमानांस्तान‍‍्विलोक्य स महामति:।
त्राहि कृष्णेत्यनन्तेति वदन्नभ्यवपद्यत॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
अपने गुरुओं को कृष्ण द्वारा जलाये जाते देख, महामति प्रह्लाद उनकी ओर दौड़े और बोले, "हे कृष्ण! हमें बचाओ! हे अनंत! हमें बचाओ!"
 
Seeing his teachers being burned by Kṛṣṇa, Mahamati Prahlāda ran towards them saying, "O Kṛṣṇa! Save us! O Ananta! Save us!"
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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