श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 18: प्रह्लादको मारनेके लिये विष, शस्त्र और अग्नि आदिका प्रयोग एवं प्रह्लादकृत भगवत्-स्तुति  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  1.18.3 
हालाहलं विषं तस्य सर्वभक्षेषु दीयताम्।
अविज्ञातमसौ पापो हन्यतां मा विचार्यताम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
उसकी जानकारी के बिना ही तुम समस्त खाद्य पदार्थों में हलाहल विष मिला दो और उस पापी को बिना विचारे ही मार डालो ॥3॥
 
Without his knowledge, you should mix Halahal poison in all the food items and kill that sinner without any thought. ॥ 3॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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