Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 1.17.82: यदि कोई प्राणी शत्रुतापूर्वक द्वेष भी करता है, तो विचारशील मनुष्यों के लिए वे कहते हैं कि ‘अहो! ये महान् भ्रम व्याप्त हैं!’ इस प्रकार वे अत्यन्त खेदजनक हैं ॥82॥ | vishnu अध्याय 1.17: हिरण्यकशिपुका दिग्विजय और प्रह्लाद-चरित । vishnu अंश 1: प्रथम अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि कोई प्राणी शत्रुतापूर्वक द्वेष भी करता है, तो विचारशील मनुष्यों के लिए वे कहते हैं कि ‘अहो! ये महान् भ्रम व्याप्त हैं!’ इस प्रकार वे अत्यन्त खेदजनक हैं ॥82॥
Even if any creature shows hatred out of enmity, then for the thoughtful people they would say 'Aho! These great delusions are rampant!' Thus, they are extremely regrettable. 82॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥