श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 17: हिरण्यकशिपुका दिग्विजय और प्रह्लाद-चरित  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  1.17.8 
अवादयन् जगुश्चान्ये जयशब्दं तथापरे।
दैत्यराजस्य पुरतश्चक्रु: सिद्धा मुदान्विता:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
उस दैत्यराज के सामने कुछ सिद्ध लोग बाजे बजाते और उसकी स्तुति गाते, और कुछ लोग बड़े हर्ष से उसका जयकारा लगाते ॥8॥
 
In front of that Demon King, some Siddhas would play musical instruments and sing his praises, while others would hail him in great joy. ॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)